Press freedom at lowest level in 25 years: RSF

25 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर प्रेस स्वतंत्रता: RSF रिपोर्ट

रिपोर्टर निरूपा सिंह, नई दिल्ली। प्रेस की स्वतंत्रता विश्वभर में अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुकी है। रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि दुनिया के अधिकांश देशों और क्षेत्रों में मीडिया पर नियंत्रण और सेंसरशिप बढ़ती जा रही है। इस रिपोर्ट के अनुसार, “सभी देशों और क्षेत्रों का औसत स्कोर कभी भी इतना कमजोर नहीं रहा।”

RSF की यह वार्षिक रिपोर्ट विश्व के 180 से अधिक देशों में प्रेस स्वतंत्रता के हालात की जांच करती है। रिपोर्ट में यह चेतावनी दी गई है कि पत्रकारों पर होने वाला दबाव और हिंसा पूरे विश्व में बढ़ रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा बन रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारें और बड़े पैमाने पर शक्तिशाली ग्रुप्स मीडिया को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं, जिससे खबरों की निष्पक्षता प्रभावित होकर जनता का सच्चाई तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

RSF की रिपोर्ट में कहा गया है कि कई देश ऐसे भी हैं जहां पत्रकारों को धमकाया, गिरफ्तार किया या उनके काम में बाधा डाली गई। इसके परिणामस्वरूप रिपोर्टिंग की गुणवत्ता गिर रही है और जनता में सूचना का अधिकार सीमित हो रहा है।

मीडिया की स्वतंत्रता के इस संकट को सही मायनों में समझने के लिए यह जरूरी है कि हम सभी मिलकर प्रेस की स्वतंत्रता का समर्थन करें और उस पर लग रहे प्रतिबंधों को हटाने के लिए आवाज उठाएं। बिना स्वतंत्र मीडिया के एक स्वस्थ और समर्थ लोकतंत्र की कल्पना करना भी मुश्किल है।

RSF की रिपोर्ट प्रेस स्वतंत्रता की हालत का आईना है, जिसे गंभीरता से लेना आवश्यक है। विशेषज्ञों ने कहा है कि अगर जल्द ही सुधार नहीं होते हैं, तो पूरी दुनिया में सच्ची खबरों का संकट बढ़ेगा।

अंततः यह रिपोर्ट हमें याद दिलाती है कि प्रेस स्वतंत्रता किसी भी समाज की बुनियाद है और इसे बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासों की जरूरत है।

Source