Days after logjam in BRICS envoys meeting, Jaishankar speaks with Araghchi

BRICS राजदूतों की बैठक में गतिरोध के कुछ दिन बाद, जयशंकर ने अर्घची से की बातचीत

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच वर्तमान संघर्ष विराम पर चल रही बातचीत के मद्देनजर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री इब्राहिम अर्घची से चर्चा की है। इस बार की वार्ता में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया।

सूत्रों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष विराम की स्थिति को स्थिर बनाए रखना और नजदीकियों को और अधिक मजबूती प्रदान करना दोनों देशों के हित में हैं। क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक शांति को ध्यान में रखते हुए यह जरूरी था कि भारत के द्वारा की गई मध्यस्थता से दोनों पक्ष आपसी संवाद की ओर कदम बढ़ाएं।

इसी संदर्भ में, ईरानी विदेश मंत्री की इस महीने दिल्ली में आयोजित होने वाली BRICS मंत्री स्तरीय बैठक में भागीदारी अभी तक स्पष्ट नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक, अर्घची ने अपनी उपस्थिति की पुष्टि करने में हिचक देखा है, जबकि रूस के विदेश मंत्री इस बैठक में उपस्थित रहेंगे।

BRICS देशों के बीच ऊर्जा, आर्थिक सहयोग और सामरिक साझेदारी को लेकर कार्ययोजना बनाई जाती है, जिससे क्षेत्र में स्थिरता और विकास सुनिश्चित किया जा सके। भारत इस वर्ष की BRICS अध्यक्षता संभाल रहा है और इसी कड़ी में विभिन्न द्विपक्षीय और बहुपक्षीय वार्ताएं आयोजित कर रहा है।

विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि रूस की भागीदारी BRICS के भीतर सहयोग को मजबूती प्रदान करती है, विशेषकर वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में जहां कई मुद्दे तनाव बढ़ा रहे हैं। वहीं, ईरानी विदेश मंत्री की उपस्थिति पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है, लेकिन भारत सभी सदस्यों की भागीदारी के लिए प्रयासरत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान BRICS बैठक में हिस्सा लेता है तो यह क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीतिक संवाद को नई दिशा देगा। इससे न केवल आर्थिक बल्कि सुरक्षा एवं रणनीतिक सहयोग में भी वृद्धि देखी जा सकती है। भारत इस पहल को एक अवसर के रूप में देखता है ताकि ब्रिक्स देशों के बीच विश्वास और सहयोग की नींव और मजबूत हो सके।

साथ ही, इस चर्चा से यह भी संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय गतिरोधों को सुलझाने के लिए भारत सक्रिय भूमिका निभा रहा है। संघर्ष विराम की स्थिति को बनाए रखना और संबंधित मुद्दों पर संवाद को जारी रखना सभी हितधारकों के लिए महत्वपूर्ण है। आगामी BRICS मंत्री स्तरीय बैठक इस प्रकार की सीधी बातचीत और सहयोग को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करेगी।

अंततः, BRICS की कार्यशैली और उसमें शामिल देशों की भागीदारी इस बात का द्योतक है कि वैश्विक स्तर पर भारत अपनी कूटनीतिक क्षमताओं को प्रभावी ढंग से उपयोग कर रहा है। वैश्विक ताकतवर देशों के बीच संतुलन बनाए रखने और क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थितियों में सुधार लाने के लिए भारत की यह पहल सराहनीय मानी जा रही है।

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