Iran executed 21, arrested 4,000 since West Asia war began: U.N.

पश्चिम एशिया युद्ध शुरू होने के बाद ईरान में 21 फाँसी, 4,000 गिरफ्तार: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र की एक हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पश्चिम एशिया में हाल ही में शुरू हुए युद्ध के बाद ईरान में कम से कम 21 व्यक्तियों को फाँसी दी गई जबकि लगभग 4,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस रिपोर्ट में कई चुनिंदा गिरफ्तारियों के दौरान जबरन लापता होने, शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना एवं अमानवीय व्यवहार के मामले सामने आए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि गिरफ्तार कई लोगों ने जबरन उत्पीड़न सहते हुए कथित तौर पर ज़बरदस्ती कबूलनामे देने पड़े। इनमें न केवल कड़ी शारीरिक यातनाएं शामिल हैं बल्कि मानसिक दबाव भी दिया गया ताकि वे अपनी मर्जी के विरुद्ध बयान देने को मजबूर हो सकें।

मानवाधिकार संगठनों ने इस बात की भी चिंता जताई है कि इस प्रकार की यातनाएं और जबरन हमले कई अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन हैं। यह स्थिति वहाँ के नागरिकों के लिए बेहद चिंताजनक और खतरे की घंटी साबित हो रही है।

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण हालात और भी बिगड़ते जा रहे हैं, जो पहले से ही मानवाधिकारों की गंभीर हालत को दर्शाता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि गिरफ्तारों में महिलाओं और युवाओं की संख्या खास तौर से बढ़ रही है, जिससे यह विवादास्पद स्थिति बढ़ रही है।

इस सब के बीच संयुक्त राष्ट्र ने ईरान सरकार से अपील की है कि वे सभी गिरफ्तारी और दण्डनाए के मामलों की निष्पक्ष जांच करें और सुनिश्चित करें कि सभी नागरिकों को मानवाधिकारों का सम्मान मिले। साथ ही, सभी कैदियों को न्यायोचित प्रक्रिया के अंतर्गत रखा जाए और उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की अमानवीय व्यवहार ना किया जाए।

मानवाधिकार विशेषज्ञों के मुताबिक, यह आवश्यक है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मामले पर गंभीरता से ध्यान दे और दबाव बनाकर ऐसी कार्रवाइयों को रोकने में मदद करे। विवादास्पद परिस्थितियों में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच ही भविष्य में ऐसे मामलों से बचाव सुनिश्चित कर सकती है।

इस रिपोर्ट ने एक बार फिर पश्चिम एशिया के संघर्ष क्षेत्र में मानवाधिकारों की स्थिति पर वैश्विक चिंता को बढ़ाया है और ईरान में जारी गिरफ्तारी, यातना तथा फाँसी की घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया की मांग की है।

Source